कामधेनु गोशाला

एक आदर्श गौशाला की स्थापना इस परिसर में की जाएगी जिसमें देसी नस्ल की गायों का पालन -पोषण, संरक्षक एवं संवर्धन की जाएगी यहां के दूध एवं पंचगव्य का इस्तेमाल गुरुकुल के बच्चों तथा आने वाले मेहमानों के लिए किया जाएगा गोबर से जैविक खाद( वर्मी कंपोस्ट) का तथा गोकास्था का निर्माण किया जाएगा( इसका इस्तेमाल दाह संस्कार हेतु किया जाता है ) इससे लकड़ी का इस्तेमाल कम होगा और प्राकृतिक का भी संरक्षण होगा यह प्रकल्प प्रशिक्षण केंद्र भी होगा यहां से किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा l

 इसके अलावा ट्रस्ट भारत भर के मठ मंदिरों में मृतप्राय गौशाला जो अपनी आखिरी सांसें गिन रही है या सिर्फ कागजों पर ही चल रही है उन को जीवित करने का प्रयास करेगी इससे अधिक से अधिक जैविक खाद का निर्माण तथा शुद्ध दूध तथा लोगों को उपलब्ध हो सकेगा तथा जैविक विधि से खेती की कल्पना भी साकार हो सकेगी l